भारतीय राजनीति का रंगमंच भी बड़ा अजीब है; यहां एक तरफ तो वो सिकंदर हैं जिनकी अकूत दौलत का आंकड़ा सुनकर ही आम आदमी की आंखें फटी की फटी रह जाएं और दूसरी तरफ वो चेहरे हैं जो बरसों तक सत्ता के शिखर पर रहने के बावजूद अपनी जेब में चंद लाख रुपये ही समेट पाए हैं. देश की सियासत में इसे लेकर चर्चाएं जोरों पर हैं. कनकपुरा की चट्टान कहे जाने वाले और कभी तिहाड़ जेल की सलाखों के पीछे 50 दिन गुजारने वाले कांग्रेस के संकटमोचक डीके शिवकुमार कर्नाटक के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठने जा रहे हैं. एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) के ताजा आंकड़ों के अनुसार 1,413 करोड़ रुपये के मालिक डीके शिवकुमार देश के सबसे अमीर सीएम बनने जा रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल की दीदी यानी ममता बनर्जी जैसी राजनेता, जिनकी कुल जमा-पूंजी एक अदद लग्जरी गाड़ी की कीमत से भी कम है. वो देश की सबसे गरीब सीएम रह चुकी हैं. चलिए सत्ता और संपत्ति के इस सबसे दिलचस्प और सनसनीखेज खेल के पर्दे को उठाते हैं और जानते हैं कि देश के टॉप-5 सबसे अमीर और सबसे गरीब मुख्यमंत्रियों की इस फेहरिस्त में कौन कहां खड़ा है.
