GSP NEWS CHANAL जुल्फिकार खान प्रदेश प्रभारी फर्रुखाबाद
फर्रुखाबाद के प्रमोद कुमार गुप्ता प्रदेश उपाध्यक्ष जिला अध्यक्ष जिला उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि सरकार ने खाद्य तेल की मनमानी पैकिंग पर रोक लगाते हुए मानक आकार निर्धारित किए हैं। अब कंपनियों को 200 ग्राम से लेकर 20 किलोग्राम तक के तय पैकेट में ही खाद्य तेल बेचना होगा। इसमें 200gm, 500gm, 1Kg, 2kg, 3kg, 4kg, 5kg, 15kg, 20 किलो के पैकिंग शामिल हैं अब कंपनियों को अपनी मनमर्जी से पैकेट का साइज घटाकर-बढ़ाकर बेचने की आजादी नहीं होगी। केंद्र सरकार के उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के उपभोक्ता मामले विभाग ने देश में खाद्य तेलों की बिक्री को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक फैसला लिया है सरकार द्वारा जारी किए गए आदेश के अनुसार, अब कंपनियों को 200 ग्राम से लेकर 20 किलोग्राम तक के तय पैकेट में ही खाद्य तेल बेचना होगा सरकार द्वारा लीगल मेट्रोलॉजी फ्रेमवर्क के तहत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर सोप में किए गए संशोधन के मुताबिक, यह नियम पाम ऑयल, सोयाबीन तेल, सूरजमुखी तेल, सरसों का तेल, मूंगफली का तेल, तिल का तेल, राइस ब्रान ऑयल, कॉटनसीड ऑयल, कॉर्न ऑयल और उनके मिश्रण पर लागू होगा। अधिसूचना के अनुसार, 200 ग्राम या 200 मिलीलीटर से कम के पैकेटों पर कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा इसके अलावा, यदि तेल की मात्रा वॉल्यूम मिलीलीटर या लीटर में घोषित की गई है, तो कंपनियों को पैकेट पर उसके बराबर का वजन ग्राम या किलोग्राम भी समान आकार के अक्षरों। अंकों में अनिवार्य रूप से लिखना होगा कंपनियों, पैकर्स को 3 महीने का मिला समय कंपनियों, पैकर्स और आयातकों को इन नियमों का पालन करने के लिए 3 महीने का ट्रांजिशन पीरियड दिया गया है क्यों पड़ी इस नियम की जरूरत पिछले कुछ समय से बाजार में कंपनियों ने एक अनोखा ट्रेंड अपना लिया था। पैकेट की कीमतें सीधे तौर पर बढ़ाने के बजाय, कंपनियों ने चालाकी से पैकेट का साइज घटाना शुरू कर दिया था। बाजार में 1 किलोग्राम या 1 लीटर के बजाय 850 ग्राम, 900 ग्राम या 910 ग्राम जैसे अजीबोगरीब आकारों वाले पैकेट्स की बाढ़ आ गई थी आम उपभोक्ता अक्सर पैकेट को 1 किलो या 1 लीटर समझकर खरीद लेता था, अलग-अलग कंपनियों के अजीब पैकेट साइज के कारण उपभोक्ताओं के लिए कीमतों की सही तुलना करना नामुमकिन हो गया था। सरकार के इस कदम से बाजार में पारदर्शिता आएगी