सीता मिश्रा राष्ट्रीय अध्यक्ष

उत्तर प्रदेश में आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों को और पारदर्शी व मतदाता-अनुकूल बनाने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में एक महत्वपूर्ण जनहित याचिका दाखिल की गई है. याचिका में मुख्य रूप से दो बड़ी मांगें उठाई गई हैं. पहला तो यह कि पंचायत चुनावों में बैलेट पेपर पर नोटा का विकल्प अनिवार्य रूप से लागू किया जाए. इसके अलावा हर उम्मीदवार के चुनाव चिह्न के साथ उसका पूरा नाम स्पष्ट रूप से छपा हो, ताकि अशिक्षित एवं ग्रामीण मतदाताओं को किसी तरह की भ्रम की स्थिति न रहे.
याचिकाकर्ता का कहना है कि वर्तमान में पंचायत चुनावों में केवल चुनाव चिह्न ही छपता है, जिससे कई बार एक ही चिह्न वाले अलग-अलग उम्मीदवारों में मतदाता भ्रमित हो जाते हैं. साथ ही, लोकसभा-विधानसभा चुनावों की तरह पंचायत चुनावों में भी मतदाताओं को असंतोष जाहिर करने के लिए नोटा का अधिकार मिलना चाहिए.
यह जनहित याचिका शुक्रवार जस्टिस एआर मसूदी और जस्टिस बृजराज सिंह की खंडपीठ के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है.
