सीता मिश्रा राष्ट्रीय अध्यक्ष

पाकिस्तान अब तक कश्मीर के मामले को अंतरराष्ट्रीय मंच पर सुलझाने के लिए बेकरार नजर आता था, लेकिन अब स्थिति ये है कि अरुणाचल प्रदेश के मसले पर भी पाकिस्तान हस्तक्षेप कर रहा है. हाल ही में पाकिस्तान की ओर से आधिकारिक बयान जारी करके अरुणाचल के मसले पर चीन का साथ दिया गया. इसके बाद अब भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अफगानिस्तान की स्थिति पर चर्चा के दौरान बिना नाम लिए पाकिस्तान पर सीधा हमला बोला. वो इस बार खुलकर तालिबान सरकार के समर्थन में बोला.
भारत के स्थायी प्रतिनिधि हरीश ने अफगानिस्तान में हाल के एयरस्ट्राइक्स में निर्दोष महिलाओं, बच्चों और यहां तक कि क्रिकेटरों की मौत की कड़ी निंदा की. उन्होंने कहा कि ऐसे हमले अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का खुला उल्लंघन है और इनसे एक कमजोर और जूझते हुए देश को और नुकसान हो रहा है. भारत ने पहली बार अफगानिस्तान के समर्थन में इतने सख्त लहजे में बात की है, जो दोनों देशों के बढ़ते संबंधों की बानगी है.
तालिबान के सपोर्ट में क्या बोला भारत?
भारत ने ट्रेड और ट्रांजिट टेररिज्म का मुद्दा भी उठाया, जो साफ तौर पर पाकिस्तान की तरफ इशारा था. भारत ने बताया कि कैसे एक लैंडलॉक्ड देश की जीवनरेखा को बंद करना WTO नियमों के विपरीत है और युद्ध जैसी हरकत है. भारत ने कहा कि हम अफगानिस्तान की क्षेत्रीय अखंडता, संप्रभुता और स्वतंत्रता का भी मजबूती से समर्थन करते हैं. भारत ने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को मिलकर काम करना चाहिए ताकि ISIL, अल-कायदा, लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और उनके प्रॉक्सी जैसे आतंकी संगठनों को सीमा पार आतंक फैलाने से रोका जा सके.
