अतुल शुक्ला बेरोचीफ हरदोई

रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के लिए बनाई जा रही शांति योजना पर कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो चुकी हैं. अमेरिका जहां रूस से मिल रहा है, वहीं यूक्रेन के राष्ट्रपति ने यूरोपीय देशों के साथ बातचीत करके शांति का मसौदा तैयार किया है. यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन और उसके यूरोपीय साझेदार जल्द ही अमेरिका को संशोधित दस्तावेज सौंपेंगे. उनकी इस बात से साफ है कि वे अमेरिका की ओर से बनाए गए मसौदे से संतुष्ट नहीं हैं और इसमें बदलाव कर चुके हैं.
ज़ेलेंस्की का यह बयान उस समय आया है जब वॉशिंगटन की ओर से कीव पर तेजी से शांति समझौता करने का दबाव है. हालांकि यूक्रेन पिछले महीने पेश किए गए अमेरिका समर्थित प्रस्ताव से असहमत है क्योंकि उन्हें लगता है कि उसमें रूस को ज्यादा फायदा मिलता है. जिस तरह रूस और अमेरिका लगातार शांति मसौदे को लेकर कहीं न कहीं सहमति दिखा रहे हैं, जेलेंस्की और यूरोप को ये आशंका है कि इसे उनका नुकसान हो सकता है.
यूक्रेन-यूरोप के मसौदे में क्या-क्या?
मजबूत सुरक्षा गारंटी चाहने वाले यूक्रेन को अमेरिका-रूस के मसौदे में कई बातों पर ऐतराज था. खासतौर पर रूस की ओर से जीती गई यूक्रेन की जमीन वे छोड़ना नहीं चाहते, जबकि रूस डोनबस का इलाका चाहता है. तो जेलेंस्की को इस समझौते से क्या चाहिए? अब तक उनके शांति प्रस्ताव की डिटेल तो नहीं दी गई है लेकिन वॉशिंगटन पोस्ट के मुताबिक यूक्रेन 20 सूत्रीय समझौते पर तैयार है. इसमे जो कहा गया है, वो तीन अलग-अलग दस्तावेजों में बंटा है
