
प्रयागराज में संगम की पवित्र रेती पर माघ मेले की तैयारियां तेज हो गई हैं. भूमि आवंटन के बाद साधु-संतों, अक्षरों और विभिन्न अखाड़ों के शिविर लगने शुरू हो गए हैं. तंबुओं का विशाल शहर धीरे-धीरे अपना रूप ले रहा है.आपको बता दें कि इस बार माघ मेला 3 जनवरी 2026 से शुरू होगा, जो 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के अंतिम स्नान के बाद समाप्त होगा. मेला अधिकारियों के अनुसार 3 जनवरी को पौष पूर्णिमा, 15 जनवरी को मकर संक्रांति, 18 जनवरी को मौनी अमावस्या, 30 जनवरी को बसंत पंचमी, 1 फरवरी को माघी पूर्णिमा, और 15 फरवरी को महाशिवरात्रि का पावन स्नान होगा. हर स्नान पर्व पर लाखों की भीड़ उमड़ने की संभावना है।
3 जनवरी पौष पूर्णिमा से लेकर 1 फरवरी माघी पूर्णिमा तक लगभग 20 से 25 लाख कल्पवासी संगम तट पर एक माह की कठोर साधना, तप, जप और नियमपूर्ण जीवन का पालन करेंगे. अधिकारी अनुमान लगा रहे हैं कि पूरे डेढ़ महीने चलने वाले मेले में प्रमुख स्नान पर्वों पर कुल 12 से 15 करोड़ श्रद्धालु संगम में पवित्र डुबकी लगाएंगे. तेज गति से हो रही तैयारियों के बीच मेला क्षेत्र में सुरक्षा, प्रकाश व्यवस्था, सड़कें, पेयजल और सफाई पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है
