*आक़िल गौर उत्तराखण्ड रिपोर्टर*

ये है प्रदीप सक्सेना। बरेली, यूपी में 1987 में अपने भाई की हत्या कर दी। 2 साल बाद कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई। 1989 में पैरोल पर छूटा, फिर वापस जेल नहीं गया। प्रदीप सक्सेना अब मुरादाबाद में अब्दुल रहीम बनकर रह रहा था। 30 बाद पुलिस ने प्रदीप को गिरफ्तार किया है
