सीता मिश्रा राष्ट्रीय अध्यक्ष

अगली बार जब आप ट्रेन से सफर करने जाएंगे तो ट्रेन चमचमाती हुई मिलेगी. साफ -सफाई देखकर आप कहेंगे, वाह क्या ट्रेन है. इतना ही नहीं, ट्रेन पहले के मुकाबले वाशिंग प्लांट से बाहर जल्दी आएगी. रेलवे ने स्वयं इसकी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि देशभर में 82 ऑटोमैटिक कोच वॉशिंग प्लांट शुरू हो चुके हैं. इससे ट्रेन ऑपरेशन बेहतर होगा और यात्रियों को बेहतर सफर का अनुभव मिलेगा.
रेल मंत्रालय के अनुसार सिर्फ़ 10–15 मिनट में पूरी ट्रेन साफ सुथरी हो जाएगी. पहले एक रेक (पूरी ट्रेन) को धोने में 2–3 घंटे लगते थे और सैकड़ों लीटर पानी बर्बाद होता था. अब ये नई मशीनें पूरी ट्रेन को सिर्फ़ 10 से 15 मिनट में ही चमका देती हैं. हाई-प्रेशर जेट, खास ब्रश और रिसाइक्लिंग सिस्टम की वजह से पानी बचत हो रही है.
