
भारत और रूस पहले से ज्यादा करीब आ रहे हैं. रूसी राष्ट्रपति पुतिन 5-6 दिसंबर को भारत की यात्रा पर आए थे. इस हाईप्रोफाइल यात्रा को लेकर अमेरिका का एक बयान चर्चा में है. पूर्व पेंटागन अधिकारी माइकल रुबिन ने कहा है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन को नई दिल्ली में मिले गर्मजोशी वाले स्वागत का असली श्रेय डोनाल्ड ट्रंप को जाता है. न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए रुबिन ने तंज कसा कि अगर कोई इस पल के लिए नोबेल प्राइज डिजर्व करता है, तो वह पुतिन नहीं बल्कि ट्रंप हैं.
डोनाल्ड ट्रंप के लिए क्यों मांगा नोबेल?
रुबिन के मुताबिक भारत-रूस नजदीकियों के पीछे ट्रंप की नीतियों ने अहम भूमिका निभाई. उन्होंने कहा कि पुतिन को भारत में जिस स्तर का सम्मान मिला, वह किसी और जगह नहीं दिखा. उन्होंने दावा किया कि भारत की यह मेजबानी ट्रंप की ओर से भारत के साथ बनाए गए हालात की देन है. रुबिन ने कहा, ‘मैं कहूंगा कि डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल प्राइज मिलना चाहिए, क्योंकि भारत और रूस को जितना करीब वह लेकर आए, उतना कोई और नहीं कर पाया.’
