
रिश्तों की गहराई और माँ के प्रति बेटे की अटूट श्रद्धा की एक ऐसी तस्वीर बीकानेर के नोखा से सामने आई है, जिसने हर किसी की आँखें नम कर दी हैं. यहाँ एक माँ के अंतिम संस्कार की रस्मों के बीच ही उनके बड़े बेटे की मौत हो गई. श्मशान घाट पर माँ को मुखाग्नि देने की तैयारी कर रहे बेटे को अचानक ऐसा सदमा लगा कि वह माँ के पार्थिव शरीर को छोड़ खुद भी काल के गाल में समा गया.
परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, देशनोक निवासी तारा देवी खत्री (88) का 21 दिसंबर की रात निधन हो गया था. सोमवार दोपहर करीब 1 बजे नोखा के श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया जा रहा था. तारा देवी के बड़े बेटे सुभाष चंद्र (67) पूरी श्रद्धा के साथ अंतिम संस्कार की रस्में पूरी कर रहे थे. जैसे ही माँ की चिता जलाई गई, सुभाष चंद्र अचानक अचेत होकर जमीन पर गिर पड़े.
