नाजिम खा पत्रकार कमालगंज

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक और फैसले के खिलाफ आवाज बुलंद होने लगी है. ट्रंप ने H-1B वीजा धारकों पर 100000 डॉलर की फीस लगाई थी. अब इसे लेकर देश में नया राजनीतिक और कानूनी टकराव दिख रहा है. H-1B वीजा पर भारीभरकम फीस लगाए जाने के खिलाफ 50 राज्यों में से 20 ने संयुक्त रूप से अदालत का दरवाजा खटखटाया है. इन राज्यों का कहना है कि यह फैसला न सिर्फ गैरकानूनी है, बल्कि इससे शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे अहम सेक्टर बुरी तरह प्रभावित होंगे. इससे पहले यूएस चैंबर ऑफ कॉमर्स ने भी मुकदमा किया था. वहीं भारत पर लगाए गए टैरिफ के खिलाफ भी सांसदों ने प्रस्ताव पेश किया है.
