
इतिहास खुद को दोहराता है… बिहार की राजनीति में पुरानी कहावत फिर सही साबित हो रही है. बीते 25 नवंबर को नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली बिहार सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड का सरकारी बंगला खाली करने का नोटिस दिया है. यह वही बंगला है जहां लालू प्रसाद यादव का परिवार पिछले 20 साल से रह रहा था. राजद इसे ‘नीतीश का बदला’ बता रहा है, लेकिन इस विवाद और पूरे मामले की हकीकत उल्टी है. बिहार की राजनीति के जानकारों के अनुसार, वास्तविक तथ्य तो ये है कि 1990 के दशक में लालू यादव ने नीतीश कुमार को न सिर्फ एक, बल्कि दो बार बेघर कर दिया था. कहा जा रहा है कि आज जब नीतीश सत्ता में हैं तो वही चक्र घूम गया है. साफ है बिहार में सरकारी आवास या सरकारी बंगले की यह कहानी बिहार की सियासत के उतार-चढ़ाव को बता रही है, जहां दोस्ती दुश्मनी में बदल जाती है. लेकिन, इस मामले में जो कहा जा रहा है वह सच नहीं है, क्योंकि नीतीश कुमार ने बदले नहीं बदलाव और उदारता की राजनीति की है. लेकिन, पहले बात उस वाकये की जब नीतीश कुमार को लालू यादव ने बेघर करने में अपनी भूमिका निभाई थी.
