*आक़िल गौर उत्तराखण्ड रिपोर्टर*
वाराणसी
वाराणसी में आप लोगो ने सुना होगा कि लगा तार दो नाम सामने आ रहा था शुभम जायसवाल और अमित सिंह टाटा और ये दोनों का सरगना इतना बड़ा है कि एक आम इंसान सोच नहीं सकता है और इन दिनों लोगों ने मौत समान कफ सिरप बेच कर बहुत समय में इतना कमाया कि सुन कर इंसान का होस उड़ जाएगा लेकिन हमारी उत्तर प्रदेश की पुलिस भी किसी से कम नहीं है बहुत मेहनत कर के आखिर से एक लोगो की गिरफ्तारी कर ली जिसका नाम है अमित सिंह टाटा बताया जा रहा है लेकिन अभी भी एक और अभियुक्त फरार चल रहा है जिस के लिए हमारी उत्तर प्रदेश पुलिस दिन रात एक कर रही है उस को भी गिरफ्तार करने के लिए लेकिन लगता नहीं है कि उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल को इतनी आसानी से गिरफ्तार कर पाएगी क्योंकि सूत्र की माने तो शुभम जायसवाल सत्ता की संरक्षण में चल रहे हैं और वही सूत्र की माने तो शुभम जायसवाल सत्ता के कुछ दिग्गज लोगों से उनका तार जुड़ा हुआ है सूत्र की माने तो शुभम जायसवाल₹1000 महीने की नौकरी करते थे उसके बाद रातों-रात कहा जा सकता है कि वो उद्योगपति हो गए अब इनकी गिरफ्तारी किस तरह होती है ये
तो देखने वाली बात होगी सूत्र*की माने तो इनका कफ सिरप का काम अभी भी चल रहा है
छुप-छुप कर अब तो देखने वाली
बात ये होगी कि हमारी यूपी पुलिस इनको किस तरह से गिरफ्तार करती है लेकिन इस समय एक नाम शुभम जायसवाल बनारस में इतना फेमस हो गया है कि जैसे एक सेलिब्रिटी की तरह कहा जा सकता है
योगीराज में इनकी संपत्ति पर अभी तक बुलडोजर नहीं चली ये तो बहुत सोचने वाली बात है

