महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनाव की सरगर्मियों के बीच सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के अंदर खुलकर तलवारें खिंच गई हैं. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने ही गठबंधन सहयोगी शिवसेना (शिंदे गुट) के कैबिनेट मंत्री और एकनाथ शिंदे के अत्यंत करीबी माने जाने वाले सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट के खिलाफ नवी मुंबई में सिडको की लगभग 4,500 करोड़ रुपये की बहुचर्चित जमीन घोटाला मामले में औपचारिक जांच समिति गठित कर दी है.
गुरुवार को कोंकण प्रभागीय आयुक्त की अध्यक्षता में छह सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन कर दिया गया. समिति में ठाणे के मुख्य वन संरक्षक, रायगढ़ के जिलाधिकारी, सिडको के सह-प्रबंध निदेशक, ठाणे एवं रायगढ़ के मुख्य भूमि एवं भूमि अभिलेख अधिकारी तथा अलीबाग के उप वन संरक्षक को शामिल किया गया है. इस मामले में आरोपी बनाए गए यशवंत बिवलकर से जुड़ी जमीन का ही यह पूरा घोटाला है.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, एनसीपी (शरदचंद्र पवार गुट) के युवा विधायक और शरद पवार के पोते रोहित पवार ने विधानसभा में संजय शिरसाट पर यह गंभीर आरोप लगाया था कि नवी मुंबई में सिडको की मूल्यवान जमीन को बेहद कम कीमत पर बिवलकर को आवंटित करने में मंत्री ने अपनी ताकत का दुरुपयोग किया. रोहित पवार ने दस्तावेजों के साथ पूरा मामला सदन में उठाया था, जिसके बाद विपक्ष लगातार मंत्री के इस्तीफे और जांच की मांग कर रहा था.

