GSP NEWS चैनल आकिल गौर रुड़की हरिद्वार की रिपोर्ट 

सहारनपुर: के राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के प्रदेश उपाध्यक्ष हाजी सलीम कुरैशी द्वारा कांग्रेस सांसद इमरान मसूद पर लगाए गए तीखे आरोप सलीम कुरैशी ने इमरान मसूद की भाषा शैली और बयानों को मुस्लिम युवाओं में आक्रोष का कारण बताते हुए उन पर सहारनपुर का माहौल खराब करने का इल्ज़ाम लगाया लेकिन इस हमले के बाद एक बड़ा सवाल उभर कर सामने आया है – क्या यह आरोप इमरान मसूद की बढ़ती लोकप्रियता और प्रभाव को कम करने की राजनीतिक साज़िश का हिस्सा हैं इमरान मसूद, जो सहारनपुर के सांसद के रूप में अपनी मज़बूत पहचान बना चुके हैं, हमेशा से अपने क्षेत्र की जनता के हितों के लिए मुखर रहे हैं उनके समर्थकों का कहना है कि सलीम कुरैशी का यह हमला उनकी छवि को धूमिल करने की कोशिश है, जो उनकी मेहनत और जनता के बीच पैठ को देखकर विरोधियों की बौखलाहट को दर्शाता है।सहारनपुर की गंगा-जमुनी तहज़ीब को मज़बूत करने में इमरान मसूद ने हमेशा सकारात्मक भूमिका निभाई है, फिर चाहे वह विभिन्न समुदायों के बीच एकता को बढ़ावा देना हो या क्षेत्र के विकास के लिए काम करना सलीम कुरैशी ने ईद के दिन घंटाघर पर हुई नारेबाज़ी और चुनाव बाद के विजय जुलूस की घटनाओं का ज़िक्र करते हुए इमरान को ज़िम्मेदार ठहराया। लेकिन इमरान के पक्ष में तर्क देने वाले कहते हैं कि ये घटनाएं किसी एक व्यक्ति के नियंत्रण में नहीं होतीं, और इसे सांसद से जोड़ना महज़ राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश है उनके समर्थकों का मानना है कि इमरान मसूद एक जनप्रिय नेता हैं,जिन्होंने अपने कार्यकाल में सहारनपुर के लिए कई विकास कार्य किए हैं,और इस तरह के आरोप उनकी मेहनत पर पानी फेरने की साज़िश हैंस्थानीय निवासी और इमरान के समर्थक मोहम्मद असलम कहते हैं, “इमरान मसूद ने हमेशा हमारी आवाज़ को संसद तक पहुंचाया है उनके बयान भले ही कुछ लोगों को तीखे लगें, लेकिन वे सच बोलने से नहीं डरते यह हमला उनकी लोकप्रियता से जलन का नतीजा है इसी तरह, एक अन्य समर्थक रेखा शर्मा का कहना है, “सहारनपुर में हिंदू-मुस्लिम एकता को मज़बूत करने में इमरान भाई का बड़ा योगदान है। उन पर इल्ज़ाम लगाना गलत है राजनीतिक विश्लेषकों का एक वर्ग भी मानता है कि यह विवाद रालोद और कांग्रेस के बीच बढ़ती सियासी प्रतिद्वंद्विता का हिस्सा हो सकता है इमरान मसूद की लोकप्रियता और प्रभाव को देखते हुए उनके विरोधी इस मौके का फायदा उठाकर उन्हें कमज़ोर करने की कोशिश कर रहे हैं सवाल यह भी उठता है कि क्या सलीम कुरैशी का बयान रालोद की अपनी राजनीतिक ज़मीन को मज़बूत करने की रणनीति का हिस्सा है जिसमें इमरान को निशाना बनाकर सहारनपुर में अपनी पकड़ बढ़ाने की कोशिश की जा रही है किफिलहाल, इमरान मसूद की ओर से इस हमले पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन उनके समर्थकों का कहना है कि उनकी चुप्पी उनकी परिपक्वता और धैर्य को दर्शाती है वे मानते हैं कि सांसद सही समय पर जवाब देंगे और जनता के सामने सच सामने आएगा।
सहारनपुर की जनता, जो इमरान मसूद को अपने हितों का रक्षक मानती है, इस विवाद को उनकी छवि खराब करने की कोशिश के रूप में देख रही है इस पूरे घटनाक्रम पर नज़र रखने वाले लोगों का मानना है कि यह विवाद जल्द खत्म नहीं होने वाला। इमरान मसूद के पक्ष में उनके काम और जनता के बीच उनकी स्वीकार्यता मज़बूत तर्क देती है कि यह हमला उनकी साख को कम करने की नाकाम कोशिश साबित हो सकता है समय बताएगा कि यह सियासी जंग किस दिशा में जाती है लेकिन इमरान के समर्थक इस बात पर अडिग हैं कि उनके नेता की ईमानदारी और मेहनत हर साज़िश पर भारी पड़ेगी।
