अतुल शुक्ला बेरोचीफ हरदोई

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में हुई खुली बहस के दौरान भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान को उसके दोगले रवैये पर करारा जवाब दिया. संयुक्त राष्ट्र में आयोजित ‘लीडर फॉर पीस’ डिबेट में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत हरीश परवथनेनी ने पाकिस्तान की तरफ से जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाए जाने पर तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने साफ कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा हैं. वे पहले भी भारत का हिस्सा थे, आज भी हैं और भविष्य में भी रहेंगे.
राजदूत हरीश पी. ने कहा, ‘आज की बहस में पाकिस्तान की ओर से जम्मू-कश्मीर का जिक्र किया जाना इस बात का प्रमाण है कि वह हर अंतरराष्ट्रीय मंच का इस्तेमाल भारत और उसके नागरिकों को नुकसान पहुंचाने के अपने जुनूनी एजेंडे के लिए करता है.’ उन्होंने कहा कि जो देश संयुक्त राष्ट्र के हर मंच पर विभाजनकारी राजनीति करता है, उससे सुरक्षा परिषद के एक जिम्मेदार गैर-स्थायी सदस्य की भूमिका निभाने की उम्मीद नहीं की जा सकती.
पहलगाम हमले पर क्या बोले भारतीय राजदूत?
भारत ने सिंधु जल संधि का भी जिक्र करते हुए पाकिस्तान की पोल खोली. भारतीय राजदूत ने कहा कि भारत ने 65 साल पहले इस संधि पर अच्छे विश्वास और दोस्ती की भावना से हस्ताक्षर किए थे, लेकिन पाकिस्तान ने इस दौरान भारत पर तीन युद्ध थोपे और हजारों आतंकी हमले कराए. उन्होंने बताया कि पिछले चार दशकों में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के कारण हजारों भारतीयों की जान गई है.
