
करीब दो दशक पहले एसएसपी के रूप में तैनात रहे दलजीत सिंह चौधरी सीमा सुरक्षा बल में डीजी पद से सेवामुक्त हो गए हैं. जाहिर है कि दलजीत सिंह चौधरी के कार्यकाल को हर कोई याद करना चाहेगा. जब दलजीत सिंह चौधरी की इटावा में तैनाती हुई थी, उस समय इटावा के चंबल इलाके में कुख्यात डाकुओं का व्यापक आतंक बना हुआ था. ऐसे में दलजीत सिंह चौधरी ने बड़ी ही होशियारी से डाकुओं के सफाए की रणनीति बनाई.
इटावा के एसएसपी के रूप में दलजीत सिंह चौधरी 20 अगस्त 2004 से 19 जनवरी 2006 तक तैनात रहे हैं. अपने इस कार्यकाल के दौरान दलजीत सिंह चौधरी ने सैकड़ो डाकुओं को गिरफ्तार तो किया ही है, इसके साथ ही दर्जनों डाकुओ को मौत के घाट भी उतारा है. दलजीत सिंह चौधरी ने अपनी टीम के साथ इटावा में डाकुओं की सक्रिय भूमिका को लेकर के एक बड़ा मिशनरी अभियान चलाया, जिसका नतीजा यह निकला कि इटावा से डाकुओं का आतंक ना केवल खत्म हुआ, बल्कि आज चंबल घाटी को डाकू मुक्त कहा जाने लगा है.
