शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में एडीएम सुभाष चंद्र प्रजापति, अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय सिंह, विधायक डॉ. सुरभि सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान सबसे अधिक शिकायतें राजस्व विभाग से जुड़ी हुई रहीं। किसानों, ग्रामीणों और महिलाओं ने भ्रष्टाचार, अवैध कब्जे, मारपीट और अन्य गंभीर समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं।कंपिल के माझगांव निवासी मकरंद सिंह ने बताया कि पैमाइश कराने के बदले एक राजस्व कर्मचारी ने 20 हजार रुपये रिश्वत मांगी थी। किसान ने कर्ज लेकर 10 हजार रुपये दिए, फिर भी कार्य नहीं हुआ। शेष राशि की मांग पर नाराज होकर उसने समाधान दिवस में शिकायत की, जिस पर नायब तहसीलदार को जांच सौंपी गई।थाना नवाबगंज के घमुइया रसूलपुर निवासी नेम सिंह ने आरोप लगाया कि बंटवारे के बाद मेड काटने का विरोध करने पर उसके पिता के साथ मारपीट हुई। पुलिस की निष्क्रियता और आरोपितों से मिलीभगत पर भी नाराजगी जताई। शाहपुर गंगापुर के बहोरन सिंह ने खेत की सीमाएं हटाने की शिकायत की, वहीं शमशाबाद के उमाशंकर ने बताया कि कुछ लोग हथियार लेकर उनके घर में घुस आए और बेटे की हत्या की धमकी दी।लुधइया गांव के प्रधान अशोक कुमार ने सत्तार नगर निवासी एक ग्रामीण पर वर्षों पुराने ईंटों के भुगतान न करने का आरोप लगाया। सिकंदरपुर तिहईया निवासी नरेश चंद्र ने बताया कि उनकी लाइसेंसी बंदूक बीते सितंबर में चोरी हो गई थी, लेकिन पुलिस आज तक बरामद नहीं कर सकी है।इजौर उलियापुर की विधवा विद्यावती ने आरोप लगाया कि बैंक खाता बंद कराने की सभी प्रक्रिया पूरी करने के बावजूद बैंक अधिकारी एक ग्रामीण से मिलने की शर्त रख रहे हैं। वहीं गुलबाज नगर की रेवती ने रोते हुए कहा कि उसका पति लंबे समय से लापता है, लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं मिला। इस दौरान एसडीएम रवींद्र सिंह, तहसीलदार विक्रम सिंह चाहर, नायब तहसीलदार मनीष वर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बिजली विभाग के खिलाफ भी कई शिकायतें सामने आईं। विधायक डॉ. सुरभि ने जब कायमगंज के एसडीओ को बुलाया, तो पता चला कि वे मौके पर मौजूद नहीं हैं और रजिस्टर में नवाबगंज के एसडीओ ने उनके स्थान पर हस्ताक्षर किए हैं। इस पर नाराज विधायक ने एक्सईएन को बुलाकर स्पष्टीकरण मांगा।