GSP NEWS चैनल नाजिम खान वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष फर्रुखाबाद की रिपोर्ट
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सूबेदार राकेश कुमार सागर, राष्ट्रीय अध्यक्ष, राष्ट्रीय चमार रेजीमेंट संघर्ष समिति एवं पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी अनुजावि ने कहा कि
पंडित जवाहरलाल नेहरू जी द्वारा बनवाया हुआ एम्स सहित अन्य तमाम संस्थानो और उसकी सेवाओं को देख लीजिए, इंदिरा गाँधी द्वारा बनाया गया लखनऊ पीजीआई, संजय गाँधी आयुर्विज्ञान रायबरेली, मेरठ मेडिकल कालेज, झांसी मेडिकल कालेज सहित देश के लगभग सभी प्रदेशों की राजधानियों में बनबाए गए तमाम एम्स/मेडिकल कालेजों और जिला अस्पतालों को देख लीजिए यहां तक कि यूपी में ही बहिन मायावती जी द्वारा बनबाए गए कन्नौज, बांदा सहित सभी पांचों मेडिकल कालेजों को देख लीजिए एवं श्री मुलायम सिंह जी द्वारा बनबाए गए सैफई मेडिकल कालेज को भी देख लीजिए और फिर इन सभी को देख कर इन नेताओं की दूरदृष्टि और जनहित व देशहित में किए गए कामों से इनकी श्रेष्ठ देश सेवा का अंदाज़ा लगाने के पश्चात वर्तमान संघी प्रधानमंत्री श्री मोदी जी द्वारा बनबाए गए अथवा घोषित किए गए 9 एम्स देखिए जो पहले से चल रहे जिला अस्पतालों को जैसे शाहजहांपुर, बहराईच व अन्य जनपदों के जिला अस्पतालों को ही एम्स घोषित कर दिया गया जहाँ आज तक न डाक्टर/स्टाफ और न संकायों और न ही औषधियों एवं मेडिकल उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई तथा साउथ में तो खाली पडी जमीन पर ही वहाँ इन्होंने एम्स का डिजिटल उद्घाटन तक कर दिया है। गजब की लफ्फाजी और झूठ का मायाजाल खडा कर के देश की जनता को लगातार गुमराह किया जा रहा है। अचम्भा तो इस बात पर है कि इस तरह की बेशुमार लफ्फाजी करने व झूठ पर झूठ बोलने वाले ने मुनाफा कमा रहे देश के लगभग साठ पब्लिक सेक्टर युनिटस को अपने चहेते उद्योगपतियों को कौडियों में सौंप कर न केवल भारी भृष्टाचार किया है बल्कि देश/जनता को कमजोर किया है। आज यह व्यक्ति नेहरू से भी स्वयं को अच्छा एवं बडा देशभक्त बताकर उन्हें और इंदिरा गाँधी को भी अपने सामने बौना बताने का प्रयास कर रहा है। दूसरों को पापी और स्वयं को धर्मात्मा बता रहा है वह भी संसद में बेधडक होकर झूठ पर झूठ बोल रहा है। तथाकथित अमृत काल में देश की जनता को मजबूर कर दिया गया है कि वह यह सब झूठ सुने, रेडियो पर सुने, वाई आर्डर सुने तथा बेशुमार को भृष्टाचार सहे। झूठ पर यदि मुंह खोले तो सरकारी जांच एजेंसियों की प्रताडना सहे और जेल जाने को भी तैयार रहे, फिर भी यह व्यक्ति 1975 में विपरीत परिस्थितियों में देश में लागू किए गए आपातकाल को एवं कांग्रेस के महान नेताओं को आज तक कोस रहा है वहीं स्वयं देश के तमाम कीमती संसाधनों को कौडियों में बेच कर और चुनावी बांड व नोटबंदी से भृष्टाचार का सरकारीकरण कर देश/जनता को कंगाल बनाने के बाबजूद स्वयं को जनकल्याणकारी काम करने वाला बता रहा है। जनता मनन करे और विचार करने के बाद सच को सच कहने का प्रयास करे