
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से सामने आई यह खबर दिल दहला देने वाली है. गांधी मेडिकल कॉलेज (GMC) परिसर में जो हुआ, उसने न सिर्फ पुलिस बल्कि पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है. कॉलेज की मॉर्चुरी के पास कचरे के ढेर में जले हुए नवजात जुड़वां बच्चों के शव मिलने से हड़कंप मच गया. मासूमों की यह दर्दनाक मौत कई सवाल खड़े कर रही है, जिनके जवाब फिलहाल किसी के पास नहीं हैं.
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों नवजात बच्चे करीब 8 महीने के प्रीमैच्योर थे. शव अधजली हालत में मिले, जिससे यह साफ है कि बच्चों को पहले कचरे में फेंका गया और फिर उन्हें जलाने की कोशिश की गई. यह घटना किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़ा करती है.
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अभी तक यह साफ नहीं हो सका है कि इन मासूम बच्चों को वहां किसने फेंका और जलाया. पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है. पुलिस को शक है कि किसी बिन ब्याही महिला ने समाज में बदनामी के डर से जुड़वां बच्चों को जन्म देने के बाद उन्हें ठिकाने लगाने की कोशिश की हो सकती है. हालांकि, पुलिस साफ कह रही है कि यह सिर्फ एक आशंका है, सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी.
