
मध्य प्रदेश के इंदौर की ऐतिहासिक धरोहर राजवाड़ा एक बार फिर चर्चा में है. जिस राजवाड़ा को देखने के लिए विदेशी पर्यटक 400 रुपये का टिकट लेकर आते हैं, उसी राजवाड़ा में राजशाही डिनर पार्टी हो गई. दरअसल सामाजिक कार्यक्रम की आड़ में इंदौर की विरासत राजवाड़ा के प्रांगड़ में डिनर आयोजन किए जाने से सुरक्षा मानकों और अनुमति प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. इसपर कांग्रेस ने भी दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है. इंदौर का राजवाड़ा पुरातत्व विभाग के अंतर्गत आता है.
इंदौर के राजवाडा में एक कार्यक्रम में डिनर प्रोग्राम आयोजित किए जाने का मामला सामने आया है. दरअसल इंदौर के एक जैन सोशल ग्रुप एलीगेंट ने पपेट शो की अनुमति ली थी लेकिन अनुमति के दायरे से बाहर जाकर दरबार हॉल में भोजन परोसा गया. आयोजन के लिए राजवाड़ा परिसर में गैस सिलेंडर भी लाए गए जबकि ऐतिहासिक इमारत में खाना बनाना पूरी तरह प्रतिबंधित है. राजवाड़ा का हाल ही में 26 करोड़ रुपये की लागत से रेनोवेशन किया गया था.
संभागायुक्त से शिकायत करेगी कांग्रेस
इंदौर नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष और शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने इस पूरे घटनाक्रम पर महापौर को घेरते हुए कहा कि पुष्यमित्र भार्गव के कार्यकाल में शहर में किसी भी क्षेत्र में काम नहीं हो रहा है. चौकसे ने आरोप लगाया कि उनके महापौर बनने के बाद शहर में एक आफत आ गई है. उन्होंने राजवाड़ा में हुए आयोजन की कड़ी निंदा करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और संबंधित अधिकारियों पर त्वरित कार्रवाई की मांग की. चिंटू चौकसे ने कहा कि कांग्रेस इस मामले की शिकायत संभागायुक्त से करेगी.
