
संसद के शीतकालीन सत्र का शुक्रवार 5 दिसंबर 2025 को पांचवां दिन है. इससे पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गुरुवार को बताया कि भारतीय संसद जल्द ही भारत–सऊदी अरब संसदीय फ्रेंडशिप ग्रुप बनाएगी. यह घोषणा उन्होंने सऊदी अरब के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान की. यह प्रतिनिधिमंडल सऊदी अरब के शूरा काउंसिल के मेजर जनरल अब्दुल रहमान बिन सनहत अल-हार्बी के नेतृत्व में आज संसद भवन पहुंचा था. अल-हार्बी सऊदी-इंडिया संसदीय फ्रेंडशिप कमेटी के चेयरमैन हैं. ओम बिरला ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि संसदीय कूटनीति देशों के बीच बेहतर समझ, अनुभवों के आदान-प्रदान और मजबूत संस्थागत सहयोग का महत्वपूर्ण माध्यम है. उन्होंने दोनों देशों की संसदीय समितियों के बीच नियमित संवाद की जरूरत पर जोर दिया.
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि भारत और सऊदी अरब के बीच धार्मिक, सांस्कृतिक और आर्थिक रिश्ते सदियों पुराने हैं. पिछले एक दशक में उच्च स्तर पर लगातार हुई बैठकों से रक्षा, ऊर्जा, क्षमता निर्माण और कई नए रणनीतिक क्षेत्रों में साझेदारी और मजबूत हुई है. ओम बिरला ने सऊदी अरब में रह रहे बड़े भारतीय समुदाय को मिली लगातार मदद और समर्थन के लिए सऊदी सरकार का आभार जताया. उन्होंने कहा कि भारतीय प्रवासी अपनी मेहनत, अनुशासन और योगदान के कारण पूरी दुनिया में सम्मान पाते हैं. स्पीकर बिरला ने बताया कि सऊदी अरब में योग की बढ़ती लोकप्रियता दोनों देशों के लोगों के बीच बढ़ते सांस्कृतिक संबंधों का उदाहरण है. वैश्विक मुद्दों पर सहयोग की बात करते हुए उन्होंने कहा कि भारत और सऊदी अरब को G20, P20 और IPU जैसे मंचों पर मिलकर काम करना चाहिए. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वसुधैव कुटुंबकम की सोच भारत की वैश्विक नीति की आधारशिला है और संसद भी इसी भावना के साथ आगे बढ़ रही है.
