सपा के पूर्व विधायक इरफान सोलंकी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से मिली जमानत के बाद आज महराजगंज जिला कारागार से रिहा कर दिया गया।
वे 2 दिसंबर 2022 को जेल भेजे गए थे । 34 महीने बाद उन्हें जेल से रिहाई मिली है। यह रिहाई गैंगस्टर एक्ट के अंतिम मामले में 25 सितंबर को हाईकोर्ट के फैसले से संभव हुई, जिसके बाद सभी लंबित मुकदमों का रास्ता साफ हो गया।इरफान पर आगजनी, रंगदारी, फर्जी दस्तावेज बनाने सहित 10 से अधिक मामले दर्ज थे। मुख्य मामला जाजमऊ थाने में दिसंबर 2022 का था, जहां डिफेंस कॉलोनी निवासी नजीर फातिमा के घर में आग लगाने का आरोप लगा। इसके अलावा बांग्लादेशी नागरिकों को फर्जी प्रमाण-पत्र देने और गैंगस्टर धाराओं के तहत केस चले। मार्च 2025 में रंगदारी मामले और 1 अक्टूबर 2024 को फर्जी आधार कार्ड केस में जमानत मिल चुकी थी, लेकिन गैंगस्टर एक्ट बाधा बना रहा। हाईकोर्ट में जस्टिस समीर जैन की बेंच ने 25 सितंबर को इरफान, भाई रिजवान और इजराइल आटेवाला की जमानत मंजूर की।रिहाई पर सैकंडों सपा कार्यकर्ता जेल के बाहर जुटे। छूटने के बाद इरफान ने कहा, “न्याय की जीत हैं…*