सूबेदार राकेश कुमार सागर ने कहा कि अपने बुजुर्ग किसी व्यक्तिगत लाभ के तहत जानबूझकर झूठ बोलते हैं या फिर सच को छुपा कर/नकार कर तथा झूठी बातों/झूठे तथ्यों पर टिके रह कर अथवा किसी बात को बढा चढा कर बोलते हैं
GSP न्यूज चैनल आमिर खान जिला संवाददाता फर्रुखाबाद की रिपोर्ट
फर्रुखाबाद जिले के दिग्विजय कांग्रेसी दिग्गज नेता सूबेदार राकेश कुमार सागर, सेवानिवृत्त एवं पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी अनुजावि ने कहा कि दोस्तो जब हमारे आईकन/हीरो/बुद्धिजीवी एवं हमारे अपने बुजुर्ग किसी व्यक्तिगत लाभ के तहत जानबूझकर झूठ बोलते हैं या फिर सच को छुपा कर/नकार कर तथा झूठी बातों/झूठे तथ्यों पर टिके रह कर अथवा किसी बात को बढा चढा कर बोलते हैं जैसे कि बाबा साहेब ने कहा था कि कांग्रेस को चिमटे से भी नहीं छूना या कांग्रेस ने दलितों के लिए कुछ भी नहीं किया इस तरह से उनके द्वारा बोले गए झूठ को भी जब हमारे लोग सच ही मान लेते हैं तो समाज को भारी नुकसान उठाना पडता है । ऐसे ही तमाम झूठ बोल कर/जातिगत भावनाएँ उभारने की बजह से ही पिछले दो तीन दशकों से न केवल बहुत बडे वर्ग को कांग्रेस पार्टी से साजिशन दूर किया गया है बल्कि सपा, बसपा और आप जैसी कई पार्टियां इसी झूठे प्रचार प्रसार के बल पर उभर कर सत्ता में आईं हैं और तभी से ही यूपी, एमपी और दिल्ली सहित कई हिंदी भाषी प्रदेशों में कांग्रेस पार्टी बेहद कमजोर हुई तथा संघ/भाजपा ने केंद्र सहित तमाम राज्यों में अपनी सरकारें बना कर आज देश की सत्ता पर कब्जा करने के साथ साथ सभी संस्थानों एवं संसाधनो पर भी संघ का कब्जा कर लिया है । अब आप समझिए कि तीन बार अल्प समय के लिए भाजपा की मदद से सुश्री बहिन मायावती जी का उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनना दलित समाज को कितना भारी पडा है । क्योंकि आज संघ और भाजपा ने ही न केवल बसपा को शून्य पर पहुंचा कर बहिन जी जो कभी शेरनी हुआ करती थी, उन्हें किले में बंद कर दिया है मतलब नजरबंद कर रखा है । बसपा के उभार से कांग्रेस के कमजोर होने के कारण ही भाजपा ने कांग्रेस से देश की सत्ता छीन कर देश भर में दलित समाज को शिक्षा सहित नौकरियों से हमेंशा के लिए दूर रखने हेतु बेहद ही पुख्ता इंतज़ाम कर दिया है । कांग्रेस के राज के समय दलित समाज के हित में न केवल काम होते थे बल्कि कांग्रेसी सरकारों ने तो बेहद सख्त कानून बना कर दलितों के सम्मान व सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए जातिगत अत्याचारों पर भी कारगर रोक लगाई थी । लेकिन इस सब के बाबजूद विगत समय में कांग्रेस के प्रति बेहिसाब झूठ पर झूठ बोल कर दलित समाज के दिलो दिमाग में कांग्रेस पार्टी और उसके नेताओं के प्रति नफरत भर कर न केवल दलित समाज को कांग्रेस से दूर किया गया है बल्कि कांग्रेस को कमजोर करके संघ/भाजपा को सत्ता सौंप दी गई है । बसपा और बहिन जी ने बार बार भाजपा की मदद से यूपी में सरकारें बनाई और भाजपा राज में हुए गुजरात दंगों/लोमहर्षक नर संहार के बाबजूद भी भाजपा के समर्थन से सरकार चलाने की मजबूरी में बहिन मायावती जी ने गुजरात में भाजपा का प्रचार प्रसार किया । आजकल बहिन जी भाजपा की केंद्र/राज्यों में सरकारें बनाने में अन्य तरह से भी मदद करतीं साफ नजर आ रहीं हैं, तब क्या बहिन जी और बसपा के लिए भाजपा कांग्रेस से बेहतर है जिसने बेशुमार निजीकरण कर करोड़ों करोड़ सरकारी नौकरियां लगभग खत्म करने के अलावा मोदी योगी सरकारों ने बीसियों लाख आरक्षित पदों को भी पिछले दस सालों में नहीं भरा है । भाजपा ने बेशुमार निजीकरण करके जहाँ अपने चंद चहेतों को मालामाल कर दिया है वहीं निजीकरण के जरिए आरक्षण व उसके प्रोग्रेसिव असर को खत्म कर दलितों को आजादी पूर्व के हालातों में ढकेलने का भी काम कर दिया है । कांग्रेस पहले भी दलितों और कमजोरों के लिए काम करती थी और आज भी कर रही है तथा दलितों के हितों की लडाई लडने के लिए बचनबद्ध है । दलित समाज को अब सघन चिंतन कर झूठ और नफरत से बाहर निकल कर देश और समाज के हित में भाजपा को सत्ता से दूर करने हेतु एकजुट होकर कांग्रेस पार्टी के साथ खड़े होने की आज पहले से ज्यादा जरूरत है ।