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बसपा सुप्रीमो मायावती के भतीजे राष्ट्रीय समन्वयक आकाश आनंद के ससुर व पूर्व राज्य सभा सदस्य डा. अशोक सिद्वार्थ व बसपा नेता नितिन सिंह के पार्टी के निष्कासित होने से राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने ऑफिशियल एक्स पर किए गए पोस्ट में कहा है कि..
”बीएसपी की ओर से ख़ासकर दक्षिणी राज्यों आदि के प्रभारी रहे डा अशोक सिद्धार्थ, पूर्व सांसद व श्री नितिन सिंह, ज़िला मेरठ को, चेतावनी के बावजूद भी गुटबाजी आदि की पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने के कारण पार्टी के हित में तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित किया जाता है।”

नौकरी छोड़ने के बाद बहन जी ने कई पदों से नवाजा
Lucknow:
बसपा के वरिष्ठ नेता डा. अशोक सिद्वार्थ मेडिकल कालेज झांसी से आर्थोमैट्री डिप्लोमा किया था। वह सरकारी सेवा के दौरान बसपा की बामसेफ से जुड़े रहे। उन्होंने वर्ष 2005 में अपनी पत्नी सुनीता सिद्वार्थ को कायमगंज ब्लाक प्रमुख का चुनाव लड़ाया। लेकिन वह जीत नहीं पाई थी और उन्हे हार का सामना करना पड़ा था। 2006 में वह बाराबंकी के सरकारी अस्पताल में तैनात रहे। वर्ष 2007 में हुए विधानसभा चुनाव में बसपा की सरकार आने पर बसपा सुप्रीमो मायावती के निर्देश पर उन्होंने नौकरी से बीआरएस के लिया और वह बसपा की मुख्यधारा से जुड़ गए। उन्होंने सक्रिय सदस्यता गृहण की। उसकी समय पार्टी नेतृत्व ने उन्हे पिछड़ा वर्ग आयोग का सदस्य बनाया। वही उनकी पत्नी सुनीता सिद्वार्थ को राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष बनाया गया। पार्टी की ओर से पहली बार 2009 में उन्हे एमएलसी बनाया गया। इसके बाद 2016 में राज्य सभा सांसद बनाया गया। इस तरह वह 2022 तक पद पर कार्यरत रहे। वह बसपा में कानपुर, आगरा जोनल कोआर्डीनेटर के अलावा राष्ट्रीय सचिव भी रहे। उन्हे कर्नाटक, तमिलनाडू, केरल समेत पांच राज्यों का प्रभारी भी बनाया गया। वर्तमान में वह दक्षिण के पांच राज्यों के प्रभारी व राष्ट्रीय महासचिव पद पर कार्यरत थे। आगरा में 10 फरवरी को डा. अशोक सिद्वार्थ के पुत्र प्रफुल्ल सिद्वार्थ की शादी हुई थी जिसमें बसपा के दिग्गज शामिल हुए थे लेकिन बसपा सुप्रीमो नहीं पहुंची थी। वही अन्य पार्टियों के लोग भी पहुंचे थे।
गृह क्षेत्र कायमगंज में चर्चाओं का बाजार गरम, फैसले से हर कोई अचंभित
Kaimganj News:
उनके गृह क्षेत्र कायमगंज में अचानक पार्टी नेतृत्व के फैसले से सभी हैरान है। डॉक्टर सिद्धार्थ बसपा के लिए समर्पित रहने वाले नेता रहे। मूल रूप से कायमगंज के मोहल्ला पटवनगली निवासी डा. अशोक सिद्वार्थ बसपा के जानेमाने चेहरा रहे है। 26 मार्च 2023 को जब बसपा सुप्रीमो मायावती के भतीजे आकाश आनंद से डा. अशोक सिद्वार्थ की पुत्री डा. प्रज्ञा की शादी हुई तो बसपा के और बड़े कद्दावर नेता में उनका शुमार हो गया। इस शादी में स्वयं बसपा सुप्रीमो मायावती भी रही थी। बसपा से निष्कासन पर उनके गृह क्षेत्र में फैसले से लोग असंतुष्ट नजर आ रहे है।

