
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विदेश मामलों की संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष शशि थरूर ने बांग्लादेश में बढ़ते राजनीतिक संकट पर कड़ी चेतावनी दी है. थरूर ने कहा कि बांग्लादेश में भीड़तंत्र हावी हो रहा है, जो न केवल वहां की लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए खतरा है, बल्कि पूरे क्षेत्र, खासकर भारत के लिए गंभीर क्षेत्रीय खतरा पैदा कर रहा है. थरूर ने अपने विस्तृत बयान में बांग्लादेश से आ रही हालिया रिपोर्टों पर गहरी चिंता व्यक्त की है. उन्होंने प्रेस की स्वतंत्रता पर हो रहे हमलों को सीधा प्रहार बताया. प्रमुख मीडिया हाउसों जैसे प्रोथोम आलो और डेली स्टार के कार्यालयों में आगजनी और हमले की घटनाओं का जिक्र करते हुए थरूर ने कहा कि पत्रकारों को अपने कार्यालय जलते देखकर जान बचाने के लिए हड़बड़ी में संदेश पोस्ट करने की स्थिति नहीं आनी चाहिए. भीड़तंत्र को किसी भी हाल में हावी नहीं होने दिया जा सकता.
एक अन्य गंभीर मुद्दे के रूप में थरूर ने खुलना और राजशाही स्थित भारतीय सहायक उच्चायोगों में वीजा सेवाओं के जबरन निलंबन को बड़ा झटका करार दिया. सुरक्षा कारणों से इन केंद्रों को बंद करना पड़ा, जिससे हजारों छात्र, मरीज और परिवार सीधे प्रभावित हो रहे हैं. थरूर ने अंतरिम सरकार से मांग की कि राजनयिक मिशनों को सुरक्षित क्षेत्र बनाए रखा जाए और लक्षित दूतावासों व वाणिज्य दूतावासों को अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान की जाए.
