केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने दोहराया कि बच्चों को स्कूल लेवल से ही श्रीमद्भगवद्गीता पढ़ाई जानी चाहिए, क्योंकि यह एक बहुत ही सकारात्मक शैक्षिक सुधार होगा. वे नई दिल्ली में मैसूरु के कुवेम्पु विश्व मानव क्षेमाभिवृद्धि ट्रस्ट और दिल्ली कर्नाटक संघ द्वारा आयोजित राष्ट्रकवि कुवेम्पु के योगदान और उपलब्धियों पर एक सेमिनार के समापन सत्र में बोल रहे थे. केंद्रीय मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि श्रीमद्भगवद्गीता पढ़ाने की वकालत करने वाला उनका बयान किसी राजनीतिक मकसद से या धार्मिक संघर्ष पैदा करने के लिए नहीं दिया गया था, बल्कि पूरी तरह से एक बेहतर समाज बनाने के नजरिए से दिया गया था. उन्होंने कहा, ‘श्रीमद्भगवद्गीता के ऊंचे और नेक मूल्यों को नए सिरे से समझाने की कोई जरूरत नहीं है. हालांकि ऐसे समय में जब समाज में नैतिक मूल्य गिर रहे हैं, गीता की प्रासंगिकता और भी बढ़ गई है. कृष्ण की शिक्षाएं मानवता के लिए एक मार्गदर्शक प्रकाश हैं, इसीलिए मैंने कहा है कि इसे बच्चों को पढ़ाया जाना चाहिए. मैंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री को एक पत्र भी लिखा है जिसमें अनुरोध किया है कि श्रीमद्भगवद्गीता को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए. यह सही नहीं है कि कुछ लोग इस मुद्दे का राजनीतिकरण कर रहे हैं.’
