आक़िल गौर

बांग्लादेश में प्रस्तावित आम चुनाव को लेकर राजनीतिक घमासान तेज़ हो गया है. पूर्व प्रधानमंत्री और आवामी लीग प्रमुख शेख़ हसीना ने मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में होने वाले अगले चुनाव की निष्पक्षता पर सीधा सवाल उठाया है. उन्होंने कहा कि जब तक उनकी पार्टी पर प्रतिबंध बना रहेगा, तब तक कोई भी चुनाव न तो स्वतंत्र होगा, न निष्पक्ष और न ही समावेशी. न्यूज़ 18 को दिए खास इंटरव्यू में पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना ने एक प्रश्न के जवाब में यह बात कही. ये बयान ऐसे समय आया है, जब अंतरिम प्रशासन चुनाव कराने की तैयारी की बात कर रहा है और विपक्ष चुनावी माहौल को “नियंत्रित और पक्षपातपूर्ण” बता रहा है.
