
राज्य सरकार ने उज्जैन सिंहस्थ क्षेत्र में जमीनों के स्थायी अधिग्रहण को लेकर लागू किए गए लैंड पूलिंग एक्ट को आखिरकार पूरी तरह निरस्त कर दिया है. सरकार ने इस संबंध में नई अधिसूचना जारी कर स्पष्ट किया है कि उज्जैन जिले में सिंहस्थ से जुड़ी सभी लैंड पूलिंग योजनाएं अब प्रभावहीन रहेंगी. इसके साथ ही वे पुराने आदेश भी रद्द कर दिए गए हैं, जिनसे किसानों और जमीन मालिकों के बीच लगातार भ्रम और असमंजस की स्थिति बनी हुई थी. यह फैसला लंबे समय से चल रहे राजनीतिक दबाव और किसान संगठनों के विरोध के बाद सामने आया है.
सिंहस्थ लैंड पूलिंग एक्ट को लेकर सरकार को लगातार विधायकों, किसान संगठनों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की नाराजगी का सामना करना पड़ रहा था. भारतीय किसान संघ ने इसे किसानों के अधिकारों पर सीधा हमला बताया था. संगठन ने स्पष्ट कर दिया था कि यदि सरकार ने फैसला वापस नहीं लिया तो प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा. इसी दबाव के बीच सरकार ने यह कदम उठाते हुए लैंड पूलिंग एक्ट को पूरी तरह समाप्त करने का निर्णय लिया.
