आक़िल गौर पत्रकार उत्तराखंड

सिडनी के बॉन्डी बीच पर यहूदी समुदाय के हनुक्का त्यौहार मना रहे लोगों पर गोलियां चलाने के लिए बाप और बेटे का हाथ होने की की पुष्टि हुई है. पुलिस के मुताबिक हमलावर 50 साल के साजिद अकरम और उनका 24 साल का बेटा नवीद अकरम थे, जिसमें से साजिद अकरम को पुलिस ने वहीं ढेर कर दिया. इसे लेकर जब उसके घर में मौजूद साजिद की पत्नी से बात की गई तो पता चला कि उसे इस बारे में कुछ पता ही नहीं था.
साजिद ने 1998 में ऑस्ट्रेलिया आकर वेरेना नाम की महिला से शादी कर ली थी. उनका बेटा नवीद अकरम उनकी नजर में ऐसा था, जैसे बेटे की कल्पना हर मां करती है. हालांकि दुनिया ने उसकी जो सूरत देखी, वो इससे अलग थी. साल 2024 में खरीदे गए 3 बेडरूम के फ्लैट में ये लोग रहते थे और वहीं सिडनी हमले का पूरा प्लान बना. हैरत की बात ये है कि वेरेना कुछ नहीं जान पाई. उस ये तक नहीं मालूम था कि उसका जो बेटा धड़ाधड़ लोगों की जान ले रहा था, उसे बंदूक चलानी भी आती है या नहीं.
पाकिस्तान से यही करने आया था साजिद?
ऑस्ट्रेलिया में गृह मामलों के मंत्री टोनी बर्क ने बताया कि साजिद अकरम 1998 में स्टूडेंट वीजा पर ऑस्ट्रेलिया आया था. 2001 में उसका वीजा, पार्टनर वीजा में बदला गया और तब से वह रेजिडेंट रिटर्न वीजा पर रह रहा था. नवीद की मां वेरेना ने बताया कि शूटिंग से कुछ घंटे पहले रविवार सुबह बेटे से उनकी आखिरी बात हुई थी, जिसमें उसने बताया था कि वो पिता के साथ जर्विस बे में तैराकी और स्कूबा डाइविंग कर रहा है. ये वही वक्त था, जब दोनों लोगों की जान ले रहे थे. वेरेना बताती है कि घटनास्थल की तस्वीरों से अपने बेटे की पहचान नहीं कर पाईं और उन्हें यकीन नहीं है कि वो चरमपंथी गतिविधि में शामिल हो सकता है.
