जुल्फकार खान प्रदेश प्रभारी

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 10 दिसंबर को एसआईआर पर बहस भाषण पर कांग्रेस पर उल्टे वोटचोरी का आरोप लगा दिया. उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी ने नागरिकता पाने से पहले वोट लिस्ट नाम दाखिल कराकर वोट चोरी की है. हकीकत ये है कि सोनिया पर वोट चोरी का ना तो कोई आरोप है और ना ही अदालत में इस संबंध में गए मामले में ऐसा कुछ कहा गया है. जिस समय बिना भारतीय नागरिकता पाए वोटिंग लिस्ट में सोनिया गांधी का नाम 1980 में शामिल किया गया, तब केंद्र में चौधरी चरण सिंह की सरकार थी. सोनिया ने तब वोट ही नहीं दिया.
इस बारे में जो मामला अदालत में चल रहा है वो वोट चोरी का नहीं है बल्कि ये है कि बिना भारतीय नागरिकता हासिल किए उनका नाम 1980 में वोटिंग लिस्ट में आ गया. ये मामला अदालत में तकनीक रूप से जारी है, उसे पूरी तरह रद्द नहीं किया गया है. अदालत जनवरी 1926 में इस पर फैसला देगी.
हालांकि इससे मजिस्ट्रेट कोर्ट ने इसे लेकर एफआईआर की मांग वाली शिकायत खारिज कर दी थी. अब उसी आदेश के खिलाफ दायर रिविज़न पर दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने नोटिस जारी करके सोनिया गांधी और दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है.
