सीता मिश्रा राष्ट्रीय अध्यक्ष

मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में किस्मत ने दो दोस्तों के दरवाज़े पर ऐसी दस्तक दी कि उनकी ज़िंदगी रातों-रात बदल गई. 24 साल का सतीश खटीक और 23 साल का साजिद मोहम्मद दोनों अपनी–अपनी जिंदगी की जिम्मेदारियों से दबे हुए थे. घर की आर्थिक तंगी, ऊपर से बहनों की शादी की चिंता… दोनों बस किसी तरह मेहनत करके दिन काट रहे थे. सतीश एक छोटी-सी मीट की दुकान चलाता है और साजिद फल बेचकर अपना गुज़ारा करता है.
इन दोनों ने सोचा कि क्यों न एक बार किस्मत आज़माई जाए और इसलिए इन्होंने पन्ना जिले के कृष्णा कल्याणपुर इलाके में एक छोटी-सी खदान की लीज़ ले ली. उम्मीद ज्यादा नहीं थी… बस मन में ये सोच थी कि क्या पता कुछ छोटा-मोटा हीरा मिल जाए, तो घर की थोड़ी मदद हो जाएगी.
लेकिन किस्मत ने तो जैसे इनके लिए अलग ही कहानी लिख रखी थी.लीज़ लेने के महज 20 दिन बाद, दोनों दोस्तों को खुदाई करते समय मिट्टी के बीच कुछ चमकता हुआ दिखा. पहले तो लगा कि सामान्य-सा पत्थर होगा, लेकिन जैसे ही धूप पड़ी, दोनों की सांसें थम गईं. ये एक 15.34 कैरेट का चमचमाता कीमती हीरा था वही जिसे कई लोग पूरी जिंदगी खदान में खोजते रहते हैं पर हाथ नहीं लगता.
