
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और दामाद जेयार्ड कुशनर की ओर से यूक्रेनी प्रतिनिधियों की दो दिन चली बातचीत के बाद बयान जारी किया गया है. इसमें कहा गया है कि शांति तभी संभव है जब रूस हिंसा कम करे और हमलों को रोके. यूक्रेन ने पूरे 2025 में अमेरिकी मध्यस्थता से आए कई युद्धविराम प्रस्तावों पर सहमति जताई, लेकिन रूस ने एक बार भी अपने आक्रमण को रोकने का संकेत नहीं दिया. इस बयान के तुरंत बाद रूस ने यूक्रेन की ऊर्जा इन्फ्रास्ट्रक्चर, सबस्टेशनों, पावर जेनरेशन यूनिटों और जापोरिझिया न्यूक्लियर प्लांट की सप्लाई लाइन तक को निशाना बनाया. वहीं खबर यह भी है कि चेर्नोबिल परमाणु संयंत्र पर बना विशाल सुरक्षा कवच रेडिएशन को नहीं रोक पा रहा है.
यूक्रेन के एयर फोर्स के मुताबिक, रूस ने 653 शाहेद ड्रोन, 36 क्रूज मिसाइलें और 17 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं. कुल 29 लोकेशनों पर 60 से अधिक हमले दर्ज किए गए. 6 दिसंबर की दोपहर से ठीक पहले पूरे यूक्रेन में एयर रेड साइरन बजने लगे, क्योंकि रूस ने एक और वेव में बैलिस्टिक मिसाइलें भेजीं. बयान में अमेरिकी और यूक्रेनी पक्ष ने कहा कि युद्ध खत्म करना और विश्वसनीय युद्धविराम लाना जरूरी है, तभी यूक्रेन पुनर्निर्माण योजना पर आगे बढ़ सकेगा. दोनों पक्ष 6 दिसंबर को बातचीत फिर शुरू करेंगे.
रूस ने दागे ड्रोन और मिसाइल
लेकिन हालात इसके उलट दिशा में बढ़ रहे हैं. इसी रात रूस ने मध्य यूक्रेन के शहर क्रेमेनचुक पर बड़ा हमला कर दिया. स्थानीय समयानुसार 1:30 बजे के आसपास कई धमाकों की आवाजें सुनाई दीं. रिपोर्टों के अनुसार रूसी सेना ने शहर की ओर कई किंझाल हाइपरसोनिक मिसाइलें दागीं और दर्जनों ड्रोन भेजे. शहर में बिजली, पानी और हीटिंग की सप्लाई कई इलाकों में बाधित हो गई है. क्रेमेनचुक की आबादी युद्ध से पहले लगभग 2.15 लाख थी और यह कीव से लगभग 250 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित है. फिलहाल हताहतों की जानकारी स्पष्ट नहीं है
