GSP NEWS चैनल जुल्फिकार खान प्रदेश प्रभारी फर्रुखाबाद
शमीम अब्बास नकवी लखनऊ ने बताया कि
मध्य-पूर्व में युद्ध की नई दस्तक 28 फरवरी 2026 की सुबह मध्य-पूर्व की राजनीति में एक खतरनाक मोड़ सामने आया, मध्य-पूर्व में युद्ध की नई दस्तक 28 फरवरी 2026 की सुबह मध्य-पूर्व की राजनीति में एक खतरनाक मोड़ सामने आया, जब इज़रायल और अमेरिका ने कथित रूप से ईरान के अंदर कई संवेदनशील ठिकानों पर मिसाइल हमले किए। रिपोर्टों के अनुसार इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता रहबर ए मुज़्ज़म सैय्यद अली खमेनेई और ईरान के राष्ट्रपति के आवास को भी निशाना बनाया गया। हालांकि सुरक्षा कारणों से अली खामेनेई को पहले ही एक सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित कर दिया गया था, जिससे वे सुरक्षित बताए जा रहे हैं। मेरे कल के लेख में यह स्पष्ट था कि अमेरिका और इज़रायल अली ख़ामेनेई और उनके परिवार को निशाने बनाने की योजना बना रहा है।इन हमलों के दौरान एक स्कूल पर भी मिसाइल गिरने की खबर सामने आई, जिसमें लगभग 35 छात्राओं की शहादत की सूचना मिल रही है। यह केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं बल्कि मानवता को झकझोर देने वाली त्रासदी होगी।ईरान ने इस हमले का जवाब देने में देर नहीं की। उसने अपने बैलिस्टिक मिसाइलों से इज़रायल के प्रमुख शहर तथा अन्य सैन्य ठिकानों पर जोरदार पलटवार किया। बहराइनयहाँ अमेरिकी पांच थे फ्लैट का मुख्यालय है कतर आई उदीद एयर बेस मिडिल ईस्ट का सबसे बड़ा अमेरिकी एयर बेस कुवाएद अली आई सालिम और अन्य अमेरिकी ठिकाने। यूनाइटेड अरबएमिरेट्स आई धाफरा एयर बेस।जॉर्डन मुवफ्फाक सालती एयर बेस सऊदी अरब कई अमेरिकी सैन्य सुविधाओं को लक्ष्य बताया गया इराक अमेरिकी सैन्य मौजूदगी वाले ठिकानों पर हमले की रिपोर्ट।साथ ही सीधे इसराइल के शहरों और सैन्य ठिकानों जैसे तेल अवीव पर भी बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं ईरान के जवाबी हमले बिना रुके जारी रहेंगे: वरिष्ठ कमांडर-ईरान के खातम अल-अनबिया केंद्रीय मुख्यालय के कमांडर ने कसम खाई है कि क्षेत्र में अ-मे-रि-की और इ-ज-रा-य-ली हितों के खिलाफ इस्लामी गणराज्य का जवाबी अभियान बिना किसी रुकावट के जारी रहेगा यह घटनाक्रम इस बात की ओर संकेत करता है कि मध्य-पूर्व अब एक ऐसे दौर में प्रवेश कर रहा है जहाँ ईरान सैन्य कार्रवाई का तत्काल और तीखा जवाब दे सकता है। यह भी स्पष्ट हो गया है कि ईरान अपने खिलाफ किसी भी प्रत्यक्ष हमले को बिना प्रतिक्रिया के नहीं छोड़ेगा।सबसे बड़ी चिंता यह है कि यदि यह टकराव यहीं नहीं रुकता, तो इसका प्रभाव केवल तीन देशों तक सीमित नहीं रहेगा। पूरा मध्य-पूर्व एक व्यापक युद्ध की चपेट में आ सकता है, जिसके परिणाम वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय स्थिरता पर गहरे पड़ सकते हैं।आज आवश्यकता इस बात की है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय तत्काल हस्तक्षेप करे और तनाव को कम करने के प्रयास करे। युद्ध किसी समस्या का स्थायी समाधान नहीं होता; यह केवल विनाश और अस्थिरता को जन्म देता है।