
चुनाव आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के तहत ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर दी है. इस सूची के सामने आने के बाद लाखों मतदाता अपने नाम को लेकर असमंजस में हैं. कई लोगों का कहना है कि उनका नाम पहले की मतदाता सूची में था, लेकिन अब ड्राफ्ट लिस्ट में नजर नहीं आ रहा है. इसी कारण सोशल मीडिया और चुनाव कार्यालयों में सवालों की संख्या लगातार बढ़ रही है. चुनाव आयोग ने साफ किया है कि यह सूची अंतिम नहीं है. ड्राफ्ट लिस्ट का मकसद पात्र और अपात्र मतदाताओं की पहचान करना है, ताकि अंतिम मतदाता सूची पूरी तरह शुद्ध और पारदर्शी बनाई जा सके.
ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने के बाद यह जानना सबसे जरूरी है कि मतदाता अपना नाम कैसे चेक करें और अगर नाम सूची में नहीं है तो उसे दोबारा कैसे जुड़वाया जा सकता है. चुनाव आयोग ने इस पूरी प्रक्रिया को आसान और नागरिक-अनुकूल बताया है. ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि तकनीक से दूर रहने वाले लोग भी परेशान न हों. आयोग का कहना है कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम बिना प्रक्रिया के अंतिम रूप से नहीं हटाया जाएगा. दावे और आपत्तियों के लिए पूरा समय दिया जाएगा.
