आक़िल गौर

बीते दिनों संसद के शीत सत्र में केंद्र सरकार ने वीबी-जी राम जी बिल पास करवा लिया. इस बिल को राष्ट्रपति की मंजूरी भी मिल गई है. यह बिल देश में रोजगार गारंटी स्कीम मनरेगा की जगह लेगा. सरकार का कहना है कि यह पूरी तरह से नया बिल है. वहीं विपक्ष का कहना है कि सरकार ने मनरेगा स्कीम से महात्मा गांधी का नाम हटाने के लिए यह कानून बनाया है. इसको लेकर जारी विवाद के बीच केरल से माकपा के सांसद जॉन ब्रिटास ने एक बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा कि सरकार मनरेगा के बाद अब नोट से भी महात्मा गांधी की तस्वीर हटाने की योजना बना रही है. इसके लिए एक हाई लेवल मीटिंग भी हो चुकी है.
माकपा के राज्यसभा सांसद ब्रिटास ने दावा किया है कि भले ही रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया इस बात को खारिज करे लेकिन भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार महात्मा गांधी की तस्वीर को भारतीय मुद्रा नोटों से हटाने की योजना बना रही है. ब्रिटास ने सोमवार को दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर हाई-लेवल बैठक पहले ही हो चुकी है, जिससे सरकार की सोच में बदलाव का संकेत मिलता है.
