आक़िल गौर

सपा नेता ने प्रदेश मुख्यालय पर एक विवादित बोर्ड लगाया है, जिसमें सपा और भाजपा के बीच अंतर को मजाकिया अंदाज में दिखाया गया है. बोर्ड में सपा के PDA का फुल फॉर्म ‘पैरामेडिकल एंड मेडिकल कॉलेज डेवलपमेंट एलाइंस’ बताया गया है, तो वहीं भाजपा के NDA का फुल फॉर्म ‘नेशनल ड्रग डिफाल्टर माफिया एलाइंस’ लिखा गया है.
इसके साथ ही कफ सिरप तस्करी मामले में गिरफ्तार बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह की कोठी और लग्जरी गाड़ियों के साथ बुलडोजर को भी हास्यपूर्ण तरीके से दिखाया गया है. यह होर्डिंग समाजवादी छात्र सभा के प्रदेश महासचिव अवनीश यादव की ओर से लगाई गई है. राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यह सपा का भाजपा पर व्यंग्य करने और जनता का ध्यान खींचने का तरीका है. सोशल मीडिया पर यह होर्डिंग तेजी से वायरल हो रही है. लोग इसे मजाकिया अंदाज में देख रहे हैं, वहीं कुछ लोग इसे गंभीर सियासी संदेश भी मान रहे हैं.
कोडीन कफ सिरप को लेकर आमने साम ने सपा और भाजपा
समाजवादी पार्टी इन दिनों कोडीन से जुड़े मामलों को लेकर योगी सरकार पर लगातार हमलावर है. इस मुद्दे को लेकर यूपी विधानसभा के शीतकालीन सत्र में भी तीखी बहस देखने को मिल रही है. सपा इस मामले को लेकर सरकार से जवाब मांग रही है और इसे बड़े राजनीतिक सवाल के तौर पर उठा रही है. वहीं दूसरी ओर, कोडीन मामले को लेकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच सीधा टकराव नजर आ रहा है. मुख्यमंत्री योगी का कहना है कि कोडीन से जुड़े आरोपियों के तार समाजवादी पार्टी से जुड़े हुए हैं. इसके जवाब में अखिलेश यादव सरकार से लगातार यह पूछ रहे हैं कि जिन लोगों पर गंभीर आरोप हैं, उनके खिलाफ बुलडोज़र की कार्रवाई कब की जाएगी. इस तरह कोडीन का मुद्दा अब सिर्फ जांच तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा सियासी हथियार बन चुका है.
