बदायूं जिले में चांद की 22 तारीख रमजान के मुबारक महीने में हजरत ख्वाजा सैयद आबू बाकर बदरुद्दीन छोटे सरकार शोर वर्दी रहमतुल्लाह आले का 756 वे उर्स की महफिल का आगाज हुआ बदायूं की जान बदायूं की शान हजरत ख्वाजा सैयद आबू बाकर बदरुद्दीन छोटे सरकार शोर वर्दी रहमतुल्लाह आले का उर्स बड़ी हकीदत और बड़ी धूमधाम से मनाया गया जिसमें विभिन्न विभिन्न जगहों से आए तमाम जहरीन अपनी मुरादों को मांगते हुए नजर आए इस दरगाह पर हर धर्म व जाति के लोग आते जाते हैं छोटे सरकार से हर धर्म के लोग आस्था रखते है अपनी-अपनी इंसानों के ऊपर जो ऊपरी हवा का चक्कर होता है इसलिए कई धर्म के लोग दरगाह शरीफ पर पहुंच कर मुश्किल का हल दूर करते हैं लोगों को फायदा हासिल होता है काफी मरीज सही होकर भी जाते हैं अपने-अपने घरों को बताया गया कि आप तो यमन के बादशाह थे यह करम है उनका कि बदायूं आपको पसंद आया आज जो बदायूं को इज्जत शोहरत दी जाती है वह छोटे बड़े सरकार की देन है जब के बदायूं को कोई जानता भी नहीं था कि बदायूं शहर क्या है आप आए आपके आने से बदायूं शरीफ में रौनक आ गई आज भी सूफी संतों में आपका नाम पहले लिया जाता है यह बदायूं वालों के लिए फख्र की बात है
आपके आने से बदायूं में चार चांद लग गए आपके बड़े भाई हजरत ख्वाजा सैयद सुल्तान आफरीन शोर वर्दी रहमतुल्लाह आले हैं आपकी एक बहन बीवी बन्नो बुआ भी मौजूद है बदायूं में आपके दर पर जो आया है वह आज तक खाली नहीं गया आपका कुल शरीफ मुबारक फजर की नमाज के बाद अदा किया जाता है 5:30 कुल शरीफ का आगाज अल्लाह की हम दो सना तिलावत कुरान ए मजीद महफिले समा से किया जाता है आपका उर्स मुबारक 22 रमजान को होता है ।