गोरखपुर।रेल, सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 3 फरवरी को बजट 2025-26 के लिए उत्तर प्रदेश में रेल परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने हेतु रिकार्ड बजट आवंटन के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं माननीया केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि उत्तर प्रदेश में रेल के विकास के लिए कुल 1,04,000 करोड़ रुपए का निवेश किया जा रहा है। जिससे प्रदेश में दोहरी लाइन, तीसरी लाइन, अमृत भारत स्टेशन आदि का कार्य तेजी से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में रेलवे के विकास के लिए वर्ष 2025-26 हेतु 19,858 करोड़ रुपए आवंटित किए गए है, जो कि यूपीए सरकार (वर्ष 2009-14) की तुलना में 18 गुना ज्यादा है।
श्री अश्विनी वैष्णव ने 3 फरवरी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये उत्तर, उत्तर-मध्य एवं पूर्वाेत्तर रेलवे के महाप्रबन्धक एवं मंडल रेल प्रबन्धक की उपस्थिति में स्थानीय पत्रकारों को बजटीय प्रावधानों की जानकारी देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में पिछले 10 सालों में 5,200 किलोमीटर के रेलवे ट्रैक बिछाए गए हैं जो कि पूरे स्विट्जरलैंड अथवा बेल्जियम के रेलवे ट्रैक की लंबाई से अधिक है। उन्होनें यूपी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होनें उत्तर प्रदेश हेतु स्वीकृत रेल परियोजनाओं को समय से पूरा कराने के लिए विशेष रूचि ली और उन्हें पूरा कराने में सराहनीय योगदान दिया। मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर में एलिवेटेड ट्रैक परियोजना में आ रही अड़चनों को दूर कर विशेष योगदान दिया है।
रेल मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 157 स्टेशनों को अमृत स्टेशन के रूप में विकसित कर उनकी क्षमता बढ़ाई जा रही है। उत्तर प्रदेश में 14 वंदे भारत ट्रेनों का संचलन 20 जिलों से होकर किया जा रहा है तथा उनका ठहराव 25 स्टेशनों पर दिया गया है। दरभंगा-आनन्द विहार टर्मिनल अमृत भारत एक्सप्रेस का उत्तर प्रदेश के 10 जिलों में अवस्थित 10 स्टेशनों पर ठहराव दिया गया है। गोरखपुर, लखनऊ एवं वाराणसी से अमृत भारत एक्सप्रेस के संचलन संबंधी प्रश्न का उत्तर देते हुए रेल मंत्री ने स्पष्ट किया कि अमृत भारत ट्रेनों के लिए सुनियोजित तरीके से कार्य किया जा रहा है। पुणे, बैंग्लोर, चेन्नई, दिल्ली में नये टर्मिनल बनाये जा रहे है। आगामी चार वर्षों में इन स्टेशनों से/के लिए कई गाड़ियां चलाई जा सकेंगी। उन्होने कहा कि प्रत्येक यात्रा टिकट पर 55 प्रतिशत की रियायत दी जाती है। इस वर्ष 740 करोड़ यात्रियों ने भारतीय रेल पर यात्रा की। जुलाई,2024 से अबतक 40,000 करोड़ के लागत की रेल परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है।
श्री वैष्णव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 4800 किमी रेल नेटवर्क में कवच प्रणाली लागू करने हेतु कार्यवाही तेजी से चल रही है और आगामी छः वर्षों में सम्पूर्ण भारतीय रेल पर कवच प्रणाली लागू कर दी जायेगी। वार्ता के दौरान पत्रकारों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए पूर्वोत्तर रेलवे की महाप्रबंधक सौम्या माथुर ने कहा कि गोरखपुर जं. स्टेशन के पुनर्विकास का कार्य तीन वर्षों में पूरा कर लिया जायेगा। गोरखपुर जं. रेलवे स्टेशन पर नये फुट ओवर ब्रिज का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। उन्होनें कहा कि सहजनवा-दोहरीघाट, घुघली-महराजगंज-आनन्द नगर तथा खलीलाबाद-बहराइच नई लाइन निर्माण के संबंध में तेजी से कार्यवाही चल रही है। गोरखपुर कैंट-गोरखपुर के मध्य तीसरी लाइन निर्माण का कार्य शीघ्र ही पूर्ण कर लिया जायेगा।
यात्रियों की सुविधाजन्य यात्रा के लिए 17,500 गैर वातानुकूलित सामान्य कोचों का निर्माण किया जायेगा। अगले पॉच वर्षों में सभी आई.सी.एफ. कोचों के स्थान पर एल.एच.बी. कोच लगा दिये जायेंगे। पहली वंदे स्लीपर ट्रेन का परीक्षण किया जा रहा है। 50 नमो भारत ट्रेन, आधुनिक सुविधाओं से युक्त 100 गैर वातानुकूलित अमृत भारत ट्रेनों तथा 200 वंदे भारत ट्रेनों का निर्माण किया जा रहा है। खान-पान की गुणवत्ता में सुधार हेतु 600 बेस किचन चालू किये जा रहे हैं। इस अवसर पर पूर्वाेत्तर रेलवे के अपर महाप्रबन्धक दिनेश कुमार सिंह, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी/निर्माण अभय कुमार गुप्ता, मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह, सचिव/महाप्रबन्धक आनन्द ऋषि श्रीवास्तव एवं मीडिया प्रतिनिधि मौजूद रहे।